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बैंक के कार्ड से पैट्रोल पम्पो पर पहले की तरह ही तेल मिलेगा, पैट्रोल पम्पो ने अपना कार्ड बहिष्कार का निर्णय 13 जनवरी तक टाला

बैंक के कार्ड से पैट्रोल पम्पो पर पहले की तरह ही तेल मिलेगा, पैट्रोल पम्पो ने अपना कार्ड बहिष्कार का निर्णय 13 जनवरी तक टाला


वैसे तो मोदी जी की कैशलेस मुहीम पर जनता पहले ही कदम फूंक फूंक कर रख रही है ऊपर से रही सही कसर सरकारी बैंक अपने बेवक्त के नियमो से पूरी कर दे रहे है । फ़िलहाल पेट्रोल पंपों ने रविवार देर रात से डेबिट-क्रेडिट कार्ड से तेल नहीं बेचने के अपने फैसले को 13 जनवरी तक टाल दिया। चूँकि बैंकों ने कार्ड से पेमेंट पर लगने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क ग्राहकों की बजाए डीलरों से लेने का फैसला किया था। इसके बाद से ही पैट्रोल डीलरों ने सोमवार से कार्ड से ईंधन नहीं बेचने का निर्णय कर लिया था।

 संभवत: बैंको ने यह फैसला सरकार के हस्तक्षेप पर फैसला टाल दिया गया। सरकार ने नोटबंदी के 50 दिनों में जनता को सहूलियत देने के लिए एमडीआर शुल्क माफ कर दिया था।लेकिन यह अवधि समाप्त होने के बाद 1 जनवरी से बैंकों ने पंप मालिकों से इसकी वसूली शुरू कर दी थी। इसी के विरोध में रविवार 8 जनवरी की आधी रात से पंपों ने कार्ड से तेल बेचना बंद करने का फैसला किया था।

पंप मालिकों के इस फैसले के तुरंत बाद बैंको ने पंपों को सूचना दी कि एमडीआर शुल्क वसूली 13 जनवरी तक टाल दी है। इसके बाद ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसो. के अध्यक्ष अजय बंसल ने बताया कि हमने भी अपने फैसले को 13 जनवरी तक के लिए टाल दिया है।
इसका मतलब है कि पंपों पर कार्ड से तेल की बिक्री जारी रहेगी । इससे पहले उन्होंने कहा था कि एचडीएफसी बैंक ने उन्हें सूचित किया था कि वह 9 जनवरी से सभी क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर 1 फीसदी व डेबिट कार्ड से पेमेंट पर 0.25 से 1 फीसदी तक शुल्क लेगी।

बैंक ने रिजर्व बैंक के 16 दिसंबर 2016 के सर्कुलर के आधार पर यह फैसला किया था। बंसल ने कहा कि पंपों का मुनाफा मात्र 2.5 फीसदी है। इसमें भी उन्हें स्टॉक रखने के खर्च के साथ स्टाफ व मैंटेनेंस से जुड़े भारी भरकम खर्च करने होते हैं। इसी लिए वह एमडीआर शुल्क का बोझ नहीं उठा सकते।

मध्यप्रदेश पेट्रोल पंप आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि भोपाल में 105 पेट्रोल पंप हैं, जबकि प्रदेश में 3200 पंप संचालित हो रहे हैं। देश में करीब 55 हजार पंप हैं। इनमें से ज्यादातर 52 हजार पर एचडीएफसी व एक्सिस बैंक की स्वाइप मशीनें लगी हैं। उनके अनुसार प्रतिदिन यदि एक लाख रुपए का भुगतान इन मशीनों से होता है तो एक हजार रुपए बैंक वसूल लेता।इस तरह महीनेभर की राशि 30 हजार रुपए होती। इससे पेट्रोल पंप संचालकों का भारी नुकसान होता। इसलिए कार्ड से बिक्री रोकने का फैसला लिया गया था। 
चलिए देर आये दुरुस्त आये अब देखना है कि 13 तारीख के बाद क्या फैसला होता है बैंक यह शुल्क वसूलती है या कैशलेस को प्रोत्साहन देने के लिए इसे स्थगित करती है । 

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