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लखनऊ :- दो बहनें तेजी से छाप रही थीं 500 और 2000 रुपये के नकली नोट ।

लखनऊ :- दो बहनें तेजी से छाप रही थीं 500 और 2000 रुपये के नकली नोट ।


लखनऊ :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का एलान करते वक्त कहा था कि इस कदम से काला धन की वापसी होगी, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम और नकली करेंसी पर भी रोक लगेगी लेकिन यह सब  झूठ साबित होती दिख रही है। न तो काला धन वापस आया, न ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगा और न ही जाली नोटों का कारोबार बंद हुआ। अब नकली नए नोटों को छापने का धंधा भी खूब फल-फूल रहा है। ताजा घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ में नकली नोट की छपाई के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। हैरानी की बात ये है कि इस गोरखंधंधे की सरगना दो बहनें हैं। उसका साथ एक रियल एस्टेट कारोबारी दोस्त दे रहा था।

लखनऊ क्राइम ब्रांच को नकली नोट छपाई की सूचना मिली थी। पुलिस ने जब विकासनगर थानाक्षेत्र में छापा मारा तो मौके से नकली नोटों के साथ दो महिलाएं मिलीं जो इस रैकेट को चला रही थीं। ये बहनें एक घर में नोटों की स्कैनिंग और उसे छापने का काम कर रही थीं । पुलिस ने तलाशी ली तो इनका रियल स्टेट कारोबारी दोस्त भी पकड़ा गया।

पुलिस ने इस गोरखधंधे में शामिल मोहम्मद खालिद, रितु त्रिपाठी उर्फ राशि और विनीता पांडे को गिरफ्तार किया है। ये तीनों ही नकली नोटों का कारोबार चला रहे थे। पुलिस को इनके पास से 500 और 2000 के 2 लाख रुपए के नकली नोट मिले हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन नोटों को ये एक कलर प्रिंटर की सहायता से छाप रहे थे और खुद ही मार्केट में खपाने का काम भी करते थे। अब पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि आगे की कड़ियों का खुलासा किया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि नोट छापने के कारोबार में आगे की कड़ियों में कागज सप्लायर तक पहुंचने में जल्द कामयाबी मिलेगी। गौरतलब है कि अभी भी आम आदमी को नए 500 और 2000 के नकली नोटों को परखना नहीं आता है। इसी का फायदा उटाकर ये लोग नकली नोट छापने का गोरखधंधा कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी का एलान किया था। इसके बाद से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बाजार से बाहर हो गए। 1000 की जगह 2000 रुपये के नए नोट लाए गए हैं।

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