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बैंकों में हो रहा नकली नोटों का कारोबार, RBI ने 4 बैंक मैनेजरों के खिलाफ दर्ज कराई FIR

बैंकों में हो रहा नकली नोटों का कारोबार, RBI ने 4 बैंक मैनेजरों के खिलाफ दर्ज कराई FIR


इलाहाबाद :- फेक करेंसी (जाली नोट ) को प्रचलन से बाहर करने के लिए देश में 1000 और 500 रुपए के नोट पर बैन लगाया गया, लेकिन इससे पहले ही कई बैंक नकली नोट का 'खेल' कर चुके थे। बैंकों की इस कारस्तानी का पर्दाफाश भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने किया है। आरबरआई ने 4 बैंक के मैनजरों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एफआईआर होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला बैंक से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच खुफिया एजेंसी भी कर रही हैं, जिसके रडार पर कई बैंक अधिकारी और कर्मचारी आ गए हैं। 1000 और 500 रुपए ही नहीं, 100 रुपए के नकली नोट का भी खेल हुआ ।
सूत्रों के मुताबित :- बैंकों में 1000 और 500 रुपए ही नहीं, बल्कि 100 रुपए के नकली नोट का भी खेल हुआ।
पुलिस का मानना है कि बैंक में कई स्तर पर और तकनीकी तौर पर भी नोटों की जांच होती है, जिससे असली और नकली का पता चलता है।
लेकिन सच्चाई का पता आरबीआई से लगना बैंक कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाता है।
ऐसे में बैंकों के भीतर नकली नोट का खेल अभी भी न हो रहा हो। इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।
नकली नोट के जरिए भारतीय अर्थव्यस्था को चोट पहुंचाने वाले लोगों के बारे में पुलिस गहराई से जाँच चल रही है। जांच की रिपोर्ट चौंकाने वाली भी आ सकती है।
आरबीआई के निर्देश पर पुलिस ने अब तक शहर के 4 बैंक मैनेजरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
खास बात ये है कि बैंक की विश्वसनीयता को लेकर आम नागरिकों के मन में सवाल भी उठने लगे हैं।

नकली नोट के खेल में इलाहाबाद स्‍थित मुट्ठीगंज शाखा सेंट्रल बैंक, खुल्दाबाद के बैंक ऑफ बड़ौदा, सिविल लाइंस स्‍थित इलाहाबद बैंक और कटरा के स्टेट बैंकऑफ इंडिया शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ संबंधित थाने में केस दर्ज कराया गया है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ 8 जनवरी 2017 को कर्नलगंज थाने में आईपीसी की धारा 489ए और 489ई के तहत दो केस दर्ज कराए गए हैं।
आरोप है कि जून 2016 में एक हजार, 500 और 100 रुपए की नकली मुद्रा आरबीआई में जमा की गई।
सभी बैंक प्रबंधक के विरुद्ध एफआईआर आरबीआई कानपुर के अधिकारियों की ओर से कराई गई है।

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