भारत समाचार »

दही है दूध से ज्यादा पोषक

दही है दूध से ज्यादा पोषक


दही स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। इसमें कुछ ऐसे रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं जो दूध की अपेक्षा जल्दी पच जाते हैं। दूध की अपेक्षा दही में प्रोटीन, लैक्टोज, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस आदि कई विटामिन्स होते हैं इसलिए दही को अधिक पोषक माना जाता है। जिन लोगों को दूध न भाता हो उनके लिए दही एक बेहतर विकल्प है।

अमेरिका में हुए एक शोध के दौरान आहार विशेषज्ञों ने पाया कि दही को प्रतिदिन खाने से आंतों के रोग और पेट की बीमारियां नहीं होती तथा बहुत से विटामिन बनने लगते हैं। इससे जो बैक्टीरिया होते हैं, वे लेक्टोज बैक्टीरिया उत्पन्न करते हैं।

-दही को प्रतिदिन खाने से आंतों और पेट की बीमारियां नहीं होती।

-मोटापे पर नियंत्रण रहता है।

-दही में अत्यधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। जिससे हड्डियां, दांत एवं नाखून मजबूत होते हैं।

-दस्त हों तो दही के साथ ईसबगोल की भूसी तथा चावल खाने से फायदा होता है।

-बवासीर के रोगियों को दोपहर में भोजन करने के उपरांत एक ग्लास छाछ में अजवायन डालकर पीने से लाभ होता है।

-दही और शहद को मिलाकर छोटे बच्चों को खिलाने से दांत आसानी से निकलने लगते हैं।

-गर्मी के मौसम में लस्सी पीने से शरीर के अंदर का ताप शांत होता है और लू नहीं लगती।

-वजन बढाना हो तो दही में किशमिश, बादाम, छुहारा मिलाकर पीना लाभदायक होता है।

-त्वचा का कालापन और खुजली दूर करने के लिए खट्टी दही से शरीर की मालिश करना चाहिए।

-बालों की किसी भी प्रकार की समस्या हो तो दही की मालिश करें।

-दही में जीरे व हींग का छौंक लगाकर खाने से जोडों के दर्द में लाभ पहुंचता है। यह स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है।

दही का प्रयोग करते समय बरतें कुछ सावधानियां

-हमेशा ताजे दही का ही सेवन किया जाए।

-रात्रि में दही का सेवन नहीं करना चाहिए।

-मांसाहारी भोजन के साथ दही नुकसानदायक होता है।

-मधुमेह के रोगियों को भी दही के सेवन करने से संयम रखना चाहिए।

-दही को मिट्टी के बर्तन में जमाने से उसके गुण बढ जाते हैं।

loading...