भारत समाचार »

ईयरफोन या हैडफोन दोनो से ही बन सकते है बहरे

ईयरफोन या हैडफोन दोनो से ही बन सकते है बहरे


से-जैसे साइंस तरक्की करता जा रहा है जो मनुष्य के लिए सुख सुविधाएं जुटा रहा है। इन संसाधनों का मानव के स्वास्थ पर गलत असर पड़ रहा है। ऎसा ही कुछ गलत असर पड़ता है आधा घंटे से ज्यादा हेडफोन या ईयरफोन पहननें का।

एक शोध में ये बात सामने आई है कि लंबे समय तक ईयरफोन या हैडफोन पहननें वाले जल्दी ही बहरेपन का शिकार हो जाते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि इनका इस्तेमाल करने वाला आदमी बहरा भी हो सकता है। 

शोध के परिणाम स्वरूप यह उपकरण देखने में बहुत छोटा लगता है लेकिन यह कानों में इतनी आवाज पहुंचा सकता है जितनी वायुयान या स्टेडियम में भी नहीं होती होगी। 

दूर से भले ही हमें ऎसा लगता हो कि इससे धीमी ध्वनि निकलती है, लेकिन इसकी आवाज से कान का पर्दा भी फट सकता है। इसके अलावा इससे दिल का दौरा भी पड़ सकता है।

इंडियन मैडिकल रिसर्च के आंकड़ो में हुए शंशोधन के मुताबिक हर 20 लोगों में से दो भारतीय सुनने की समस्या से पीडित है, जिसका सबसे बड़ा कारण ईयरफोन है। डॉक्टरों का मानना है कि ईयरफोन से कान की नसों पर खतरनाक प्रभाव पडता है। 

आमतौर पर कान 65 डेसिबल की ध्वनि को ही सहन कर सकता है। लेकिन ईयरफोन पर अगर 90 डेसिबल की ध्वनि अगर 40 घंटे से ज्यादा सुनी जाए तो कान की नसें पूरी तरह डेड हो जाती है। 

डॉक्टरों के अनुसार इनके ज्यादा उपयोग लेने से कानों में अनेक प्रकार की समस्या हो सकती है जिनमें कान में छन-छन की आवाज आना,चक्कर आना, सनसनाहट, नींद न आना, सिर और कान में दर्द आदी मुख्य है। 

इस समस्या से बचने के लिए डॉक्टर्स ने बताया है-
- ईयरफोन का इस्तेमाल कम करें।
-ईयरफोन का इस्तेमान आधे घंटे से ज्यादा न करें।
- 60-65 डेसीबल से से ज्यादा आवाज नहीं रखें।
-अन्य का ईयरफोन न लगाएं।
- संभव हो तो स्पीकर का इस्तेमाल करे। 

loading...