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मोदी जी की कैशलेस मुहीम को झटका, 8 जनवरी की मध्य रात्रि से पैट्रोल पम्पो पर नहीं चलेंगे बैंको के डेबिट/क्रेडिट कार्ड्स


मोदी जी की कैशलेस मुहीम को झटका, 8 जनवरी की मध्य रात्रि से पैट्रोल पम्पो पर नहीं चलेंगे बैंको के डेबिट/क्रेडिट कार्ड्स


बैंको की मनमानी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल मुहिम को अब बड़ा झटका लगने वाला है।  ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि पूरे देश भर में पेट्रोल पंप आउटलेट्स पर 9 जनवरी की मध्‍य रात्रि से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान स्‍वीकार नहीं किया जाएगा।  अब लोग सोमवार से पेट्रोल पंपों पर कसी भी कार्ड्स के जरिए पेट्रोल और डीजल नहीं भरवा सकेंगे। 

 ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि बैंकों ने पेट्रोल पंप मालिकों से किसी भी ट्रांजेक्शन पर ट्रांजेक्शन फीस वसूलने का फरमान सुनाया है, इसी फैसले के विरोध में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने कहा है कि वो सोमवार से कार्ड पेमेंट को स्वीकार नहीं करेंगे।  एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने यह जानकारी एक प्रेस रिलीज जारी कर के दी है। अजय बंसल ने कहा कि बैंकों ने पेट्रोलियम डीलर्स को सूचित किया है कि वे 9 जनवरी से दोनों ही तरह के कार्डो क्रेडिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 1 फीसदी और डेबिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 0.25 फीसदी से 1 फीसदी के बीच में शुल्‍क वसूलेंगे। 

पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार ज्यादातर पेट्रोल पंप HDFC बैंक की POS मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं।  पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन का ये फैसला ऐसे समय पर आया है जब सरकार ने पिछले महीने ही कार्ड से पेट्रोल-डीजल की खरीदारी पर 0.75% छूट देने की घोषणा कर रखी है। 

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने बताया कि अब चूँकि एक फीसदी 'एमडीआर' कटेगा इसी के चलते यह निर्णय लिया गया है कि 9 जनवरी से देश के सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों 53,840 पैट्रोल पम्पो पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए पेमेंट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 

एसोसिएशन का कहना है कि उनका कुल मार्जिन 2.5 फीसदी है,  इसी में उन्‍हें अपने कर्मचारियों और अन्‍य मैंटेनेंस से जुड़े खर्च करने होते हैं. ऐसे में इतने कम मार्जिन में इन रिटेल आउटलेट्स के लिए बैंको को शुल्‍क देना संभव नहीं है। पैट्रोल पम्पो के साथ एक बंदिश यह भी है कि वह लोग दूसरे कारोबारियों की तरह अपने उत्‍पादों की कीमत बढ़ा भी नहीं सकते हैं,  इसी लिए पेट्रोलियम डीलर्स अपने मार्जिन से एक फीसदी हिस्‍सा बैंकों को देने की स्थिति में नहीं हैं। 

पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार इस  नए नियम से पैट्रोल डीलरों को भारी घाटा हो सकता है।  इसी कारण से उन्होंने 9 जनवरी 2017 की मध्य रात्रि से डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिये पेट्रोल पंपों पर भुगतान स्वीकार ना करने का निर्णय लिया है । 

गौरतलब है कि सबसे पहले तमिलनाडु के पेट्रोलियम डीलर्स ने बैंको के इस शुल्क का विरोध किया था । तमिलनाडु स्‍टेट फेडरेशन ऑफ पेट्रोलियम डीलर्स के अध्‍यक्ष केपी मुरली ने कहा कि एचडीएफसी बैक और अन्‍य बैंकों ने पेट्रोलियम डीलर्स को सूचित किया है कि वे 9 जनवरी से क्रेडिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 1 फीसदी और डेबिट कार्ड से होने वाले लेनदेन पर 0.25 फीसदी से 1 फीसदी के बीच शुल्‍क वसूलेंगे , जिसका हम विरोध कर रहे हैं इसी लिए हमने  क्रेडिट कार्ड को स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया है । 

बताते चले कि 'एमडीआर' वह कमीशन होता है जिसे बैंकों की ओर से कार्ड पेमेंट स्वीकार करने हेतु आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने के बदले वसूला जाता है। भारत में वैसे ही जनता नोटबंदी से त्रस्त है और मुश्किल से अपना मन कैशलेस की ओर मोड़ रही है लेकिन अब अगर सरकारी विभाग ही इस तरह के निर्णय लेंगे तो जनता को कैशलेस करने की प्रधानमंत्री मोदी की मुहीम का बर्बाद होना तय है । 


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