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यू पी में डिम्पल और प्रियंका की जुगलबंदी ला सकती है रंग

यू पी में डिम्पल और प्रियंका की जुगलबंदी ला सकती है रंग

लखनऊ :-  समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में गठबंधन में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की धर्मपत्नी एवं सांसद डिम्पल यादव मत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सूत्रों के अनुसार उ‌होंने कल दिल्ली में कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रुप में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार प्रियंका गांधी से लम्बी चर्चा की। डिम्पल और प्रियंका के बीच बातचीत के बाद राहुल गांधी विदेश दौरे से वापस आने के बाद अपने आवास पर पार्टी के नेताओं की बैठक करेंगे।


सूत्रों की मानें, तो यूपी चुनाव में कांग्रेस व सपा के बीच गठबंधन की बात लगभग फाइनल हो गई है और कांग्रेस व सपा अगर एकसाथ चुनाव लड़ते हैं, तो प्रियंका गांधी व डिंपल यादव एकसाथ मंच साझा कर सकती हैं और रैलियों को संबोधित कर सकती हैं। 

सूत्रों के मुताबिक इस बार के यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र रायबरेली व भाई राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र अमेठी से बाहर निकलकर पूरे यूपी में चुनाव प्रचार करेंगी और इस बार डिंपल का रोल भी खास होगा। डिंपल भी चुनावी सभाएं व रैलियां करेंगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये दोनों यूपी के जिस जिले में भी सभाएं करेंगी, वहां निश्चित रूप से भीड़ जुटेगी, क्योंकि दोनों ही युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।

जानकारों के अनुसार समाजवादी पार्टी में जारी घमासान और कांग्रेस की डांवाडोल स्तिथि के बाद अखिलेश की समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों को ही इसमें राजनैतिक लाभ नज़र आ रहा है और दोनों का गठबंधन निश्चित ही भाजपा के सामने मजबूत चुनौती पेश कर सकता है और इसका सबसे बड़ा नुकसान बसपा को उठाना पड़ सकता है क्योंकि अगर यह गठबंधन होता है तो निश्चित रूप से मुस्लिम वोट जो अभी तक समाजवादी पार्टी और कुछ हद तक कांग्रेस का वोट बैंक रहे है इनको अपनी तरफ खींचना बसपा के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है । 

डिम्पल और प्रियंका की बातचीत के बाद प्रियंका गांधी सीधे राहुल गांधी के आवास पर आहुत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ वार्ता में पहुँची ।  प्रियंका गांधी ने बैठक में सपा से चुनावी गठबंधन पर डिम्पल से चर्चाएं की। उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव ने पहले ही उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के इच्छुक हैं और वे कांग्रेस से गठबंधन करने के बाद तीन सौ से अधिक सीटे प्राप्त करने पर दृढ हैं।

सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने में सपा सौ सीट कांग्रेस को देने को तैयार है। राजनीतिक हलकों में पहले यह चर्चा थी कि छुट्टी मनाकर विदेश से राहुल गाँधी के लौटने के बाद अखिलेश और राहुल के बीच वार्ता होगी और उसके बाद ही दोनों दलों में राजनीतिक गठबंधन को अंतिम रुप दिया जाएगा।  समझा जाता है कि राहुल के आवास पर हुई बैठक में नेताओं से चर्चा करने के बाद अखिलेश और राहुल के बीच चुनावी गठबंधन की चर्चा होगी जिसमें गठबंधन पर फैसला हो सकता है।

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