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टीवी स्टिंग ऑपरेशन से किया खुलासा : नेता 40% कमीशन ले काले धन को कर रहे सफेद


टीवी स्टिंग ऑपरेशन से किया खुलासा : नेता 40% कमीशन ले काले धन को कर रहे सफेद


नई दिल्ली :- काले धन को सफेद बनाने की प्रक्रिया में अब राजनीतिक दल भी लगे  हैं। राजनीतिक दलों के कार्यालय अंडरग्राउंड बैंक में तब्दील हो गए हैं जहां काले धन को जमा कर सफेद बनाने का गोरखधंधा तेजी से शुरु हो चुका है। 


टीवी के एक स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया है कि देश के बहुत से बड़े राजनीती के लोग दलालों के माध्यम से अपने काले धन को सफेद बना रहे हैं। गाजियाबाद नोएडा और दिल्ली में किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में ऐसे ही कई दलों और उनके नेताओं को कमीशन पर काले धन को सफेद बनाने की कोशिश करता हुआ दिखाया ।


स्टिंग के ज़रिये सामने आया है कि बीएसपी के ग‌ाजियाबाद के जिला अध्यक्ष विरेंद्र जाटव खुद को बिजनेसमैन बताते हैं। वो स्टिंग करने वाली टीम से सौदा करते हैं कि वो 10 करोड़ रुपये के काले धन को सफ़ेद धन में तब्दील कर देंगे। 10 करोड़ बदले वो उसमे से 35-40 प्रतिशत कमीशन लेंगे । इस बीच बहुजन समाजवादी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आधार पर विरेंद्र यादव को दल से निष्कासित हो गए है।


नेता साफ कहते हैं कि 40% से कम में कुछ नहीं हो सकता है। इससे कम पर बात करने से वो मना कर देते हैं ।
टीटू यादव कहते हैं कि सारा पैसा हाथों-हाथों लिया और दिया जाएगा। पुराने नोट के बदले चालीस प्रतिशत कमीशन पर शेष पैसा हार्ड कैश में तुरंत ही नई करेंसी में दे देंगे ।

ये गोरख-धंधा केवल नोएडा या गाजियाबाद तक ही सिमटा नहीं है देश की राजधानी दिल्ली में भी ये धंधा खुलेआम जारी है। अवैध करार दे दी गए 1000 और 500 के पुराने नोट को बदलने का काम नई दिल्ली के कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में भी जारी है। 


कांग्रेस पार्टी के नेता तारिक सिद्दीकी टूडे की टीम को बताते हैं कि वो ऐसे एनजीओ से उनकी मुलाकात करवा सकते हैं जो कालेधन को सफेद बनाने में आपकी मदद कर सकती है।
वो ये भी दावा करते हैं कि एक करोड़ रुपये की राशि तो वो ब्लैक मार्केट में लगा सकते हैं। उनके पास कुछ और भी रास्ते हैं जिससे वो कालेधन को सफेद में बदल सकते हैं । 


दिल्ली में एनसीपी के जनरल सेक्रेटरी रवि कुमार एक करोड़ रुपये तक की राशि को बदलने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बदले वो कुल राशि का 30 प्रतिशत कमीशन के तौर पर लेने की बात कहते हैं। स्टिंग करने वाली टीम से वो साफ कहते हैं कि वो पूरी राशि का 70 फिसदी हिस्सा चेक के रूप में देने के लिए तैयार हैं इससे ज्यादा उन्हें क्या चाहिए।


कुमार कहते हैं कि इस पैसे को सफेद करने के लिए वो एक फर्जी पीआर कंपनी बनाएंगे और इसके जरिए वो कागजों पर ही लेन-देन करके पूरे पैसे को काले से सफेद में तब्‍दील करेंगे।
हालांकि इस लेन-देन के बारे में जब टीटू यादव से पूछा गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार के गैरकानूनी लेन-देन की बात अस्वीकार कर दी।काले धन को सफेद बनाने के अपराधियों के प्रयास को जहां सरकार से लगातार चुनौती मिल रही है वहीं अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए नये-नये तरीके अपना रहे हैं।

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