बलबीर रावत | दुर्गेश कुमार | कविता | विद्या प्रकाश

शर्म नाक समाचार»

पत्नी के कैरेक्टर पर शक, पति ने मौत के घाट उतारा


पत्नी के कैरेक्टर पर शक, पति ने मौत के घाट उतारा


पत्नी के कैरेक्टर पर शक हुआ तो सिरफिरे पति ने उन्नाव ले जाकर उसकी हत्या कर दी। महानगर इलाके से पुलिस ने हत्यारोपी को अरेस्ट करते हुए घटना के खुलासे का दावा किया। पुलिस ने वारदात में शामिल एक अन्य शख्स को भी अरेस्ट किया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।कमरा देखने के बहाने बुलाया

एसपी ट्रांसगोमती दुर्गेश कुमार के मुताबिक, बादशाहनगर कर्बला निवासी बलबीर रावत ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी बेटी कविता उर्फ सोनी मे मोबाइल फोन पर दामाद विद्या प्रकाश उर्फ गुड्डू ने बीती 7 दिसंबर को कॉल किया कि वह अगले दिन आएगा और फिर वे दोनों किराये का कमरा देखने चलेंगे। 8 दिसंबर को सुबह 10 बजे विद्याप्रकाश ने फिर से सोनी को कॉल किया और उसे बादशाहनगर मंदिर के करीब बुलाया। सोनी उसके बुलावे पर चली गई लेकिन, फिर तीन दिन तक नहीं लौटी। बलबीर ने बताया कि उन्होंने विद्याप्रकाश के नंबर पर कॉल किया लेकिन, उसका मोबाइल फोन बंद मिला। पुलिस ने बलबीर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर इंक्वायरी शुरू की।

सर्विलांस से खुली पोल पुलिस ने विद्याप्रकाश के नंबर पर कॉल किया लेकिन, मोबाइल स्विचऑफ मिला। संदेह गहराने पर पुलिस ने विद्याप्रकाश के मोबाइल नंबर की बीती 8 दिसंबर की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन रिपोर्ट में उसके उन्नाव के असोहा इलाके में जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने असोहा थाने में जानकारी की तो पता चला कि 8 दिसंबर को सई नदी के किनारे खेत में एक युवती की लाश बरामद हुई है। पुलिस सोनी के परिजनों को लेकर असोहा पहुंची। परिजनों ने लाश देखकर उसकी शिनाख्त सोनी के रूप में की। जिसके बाद पुलिस ने विद्याप्रकाश के घर दबिश देकर उसे कस्टडी में ले लिया। दूसरे से संबंध का शक था

पुलिस की सख्त पूछताछ में विद्याप्रकाश ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद ही सोनी परिजनों से लड़कर मायके चली आई थी। उसने कई बार सोनी को ससुराल आने के लिये कहा। लेकिन, वह लखनऊ में ही रहना चाहती थी। विद्याप्रकाश ने बताया कि उसकी इस हरकत से शक हुआ कि सोनी के लखनऊ में ही किसी से अवैध संबंध हैं। जिस वजह से उसने सोनी को मौत के घाट उतारने की ठान ली। उसने बताया कि बीती 8 दिसंबर को वह मारूति वैन लेकर बादशाहनगर पहुंचा और कॉल कर सोनी को बुलाया।

 सोनी को पहुंचने पर वह उसे कार से लेकर उन्नाव के पुरवा में रहने वाले मौसा सुरेश के घर पहुंचा। सुरेश को साथ लेकर वह असोहा उन्नाव स्थित सई नदी के किनारे पहुंचा। जहां होश राम, सुरेंद्र और नागेंद्र पहले से मौजूद थे। उन सभी ने मिलकर सोनी की हत्या कर दी और शव को नदी किनारे खेत में फेंककर वापस लौट आए। इससे पहले उन्होंने सोनी के सारे कपड़े उतार लिये ताकि उसकी पहचान न हो सके। उसके खुलासे के बाद पुलिस ने सुरेश को भी अरेस्ट कर लिया। जबकि, फरार चल रहे होशराम, सुरेंद्र और नागेंद्र की तलाश शुरू कर दी है।

loading...